नमस्कार
जय बाल्मीकि
जय भीम
समाज औरतो को नौ दिन पूजनीय मानता है और जिंदगीभर
दंडनीय।
सोचो एक दलित समाज की औरत कितना उत्पीड़न झेलती होंगी। नवरात्रो मे माँ सामान और बाद में अपमान ही अपमान। पंडितो की तरह दलित भी पूजापाठ का आडंबर करने लगे है।
दूसरों के कहने पर कब तक चलते रहोगे ?
अपना नजरिया बदलो। जो तुम्हे आगे बढ़ने का रास्ता दे उसका अनुसरण करो ना की उसका जो तुम्हे हिन्दू तक भीम नहीं मानता और औरत को तो इंसान भी नहीं समझता।
अपनी सोच बदलो।
जय बाल्मीकि
जय भीम
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