जय बाल्मीकि
जय भीम
आरक्षण मिलने के बाद भी हम पिछड़े क्यों रह गए?
हजारों साल हमने शोषण सहा और आज भी सह रहे है। कब उभर पाएंगे हम इस दबाव और बेबसी से। उस दिन की तारीख़ कौन तय करेगा ?
हमें सविंधन ने आरक्षण दिया ताकि हमारा उत्थान हो सके। पर अब तो इतनी अच्छी सरकार आई है की सबको आरक्षण प्रसाद की तरह बाँट दिया। ब्राह्मणों को छोड़ यहाँ सबको आरक्षण मिल गया इनको क्यों छोड़ दिया? जाटो की उन्नति के हवन कौन करेगा? इनको भी दक्षिणा (भीख )में कुछ दे देते? यहाँ सब को मिला है पर खटकता सिर्फ हमारा आरक्षण ही है। सरकार ने मुफ्त शिक्षा दी, पर बच्चों को पढ़ने से रोक दिया। स्कूलों में भेद भाव के तंज कसे। सरकारी नौकरी मिली तो हरियाणा में दलितों के घर, दुकाने जला डाली। ये कैसी बराबरी है? इसका तो एक ही समाधान है, हमें जितना भी मिला है उसका फायदा उठाये। हमें लोग यू ही धकेलना चाहेंगे पर हमें परस्पर आगे बढ़ते रहना होगा।
जय बाल्मीकि
जय भीम
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